इंटरनेशनल डेस्क
मध्य पूर्व में घोषित सीजफायर के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने की कोशिशों के बावजूद खाड़ी क्षेत्र में खतरे की आशंका बनी हुई है।
सीजफायर के बावजूद बढ़ी सतर्कता
कतर, कुवैत, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात समेत कई देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया है। एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है, ताकि किसी भी संभावित मिसाइल या ड्रोन हमले को तुरंत रोका जा सके।
हमले की आशंका से बढ़ा तनाव
खुफिया एजेंसियों के इनपुट के मुताबिक ईरान की ओर से ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की आशंका अभी भी बनी हुई है। यही वजह है कि पूरे खाड़ी क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
विशेष रूप से इज़रायल ने भी अपनी सुरक्षा तैयारियों को और तेज कर दिया है। देश के कई हिस्सों में एयर डिफेंस सिस्टम और रडार नेटवर्क को सक्रिय रखा गया है।
अमेरिका की अपील, लेकिन खतरा कायम
अमेरिका ने सीजफायर का ऐलान कर स्थिति को शांत करने की कोशिश की है, लेकिन जमीनी स्तर पर तनाव कम होता नजर नहीं आ रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीजफायर अस्थायी हो सकता है और किसी भी समय हालात फिर बिगड़ सकते हैं।
पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल
मध्य पूर्व के देशों में आम लोगों के बीच भी डर और अनिश्चितता का माहौल है। लगातार मिल रही चेतावनियों और सैन्य गतिविधियों ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।



