spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

लिवासा अस्पताल अमृतसर एडवांस्ड मेडिकल डायग्नोस्टिक में अग्रणी

अमृतसर: आधुनिक चिकित्सा में ऐसे मामले तेजी से सामने आ रहे हैं जिनमें लक्षण किसी विशिष्ट बीमारी की ओर स्पष्ट रूप से इशारा नहीं करते। जिन मरीजों को अस्पष्ट लक्षण जैसे कि बिना कारण वजन कम होना, भूख न लगना या पेट में तकलीफ होती है, उन्हें तुरंत फेफड़ों की बीमारी होने का संदेह नहीं होता। हालांकि लिवासा अस्पताल अमृतसर में हाल के नैदानिक अनुभव से पता चलता है कि गहन जांच और उन्नत तकनीकें छिपे हुए निदानों को उजागर कर सकती हैं और जीवन बचा सकती हैं।

हाल ही में एक जटिल मामले में,प्रारंभिक मूल्यांकन से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और पैंक्रियाटिक  संबंधी समस्याओं का संकेत मिलाए लेकिन आगे की इमेजिंग से फेफड़ों में संक्रमण के साथ.साथ छाती में बढ़े हुए लिम्फ नोड्स का पता चला।

इस मामले ने मल्टीडिसीप्लिनरी टीम दृष्टिकोण के महत्व को रेखांकित किया,जिसमें पल्मोनोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के एसोसिएट कंसल्टेंट डॉ ईशान मित्तल के बहुमूल्य क्रॉस-स्पेशियलिटी इनपुट शामिल हैं।

प्रारंभिक निष्कर्ष अस्पष्ट होने पर उनकी क्लीनिकल इनसाइट ने डायग्नोस्टिक पाथवे को निर्देशित करने में मदद कीए जिससे टीम अनावश्यक इंटरवेंशन  से बचते हुए सटीक निदान तक पहुंचने में सक्षम हुई।

सलाहकार-इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी , डॉ बलजोत सिंह ने एंडोब्रोंकियल अल्ट्रासाउंड और क्रायो-नोडल बायोप्सी जैसी उन्नत प्रक्रियाओं का उपयोग करते हुए निदान प्रक्रिया का नेतृत्व किया।

फैसिलिटी डायरेक्टर-लिवासा अस्पताल अमृतसर, राजीव कुंद्रा ने कहा, यह मामला इस बात का सशक्त उदाहरण है कि सही विशेषज्ञता, तकनीक और टीम वर्क किस प्रकार मरीजों के इलाज के परिणामों को बदल सकते हैं। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि अमृतसर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उन्नत निदान के लिए अब महानगरों की यात्रा न करनी पड़े।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles