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विश्व जल दिवस के अवसर पर आयोजित जागरूकता पदयात्रा को मेयर ने दी हरी झंडी

अमृतसर 22 मार्च ,(गगनदीप) विश्व जल दिवस के अवसर पर जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए अमृतसर नगर निगम द्वारा आयोजित पदयात्रा को महापौर जितेंद्र सिंह भाटिया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रणजीत एवेन्यू-डी ब्लॉक में आयोजित इस पदयात्रा में बच्चों , बुजुर्गों और युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया और जल संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर महापौर जितेंद्र सिंह भाटिया ने पदयात्रा में भाग लेने वालों से कहा कि जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती और आज अन्य ग्रहों पर मानव जाति के रहने की संभावना भी वहां जल की उपलब्धता पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि पंजाब का नाम भी जल से जुड़ा है और हजारों वर्षों से हमारी सभ्यता का जन्म, विकास और अस्तित्व जल के कारण ही है। लेकिन भूजल के अंधाधुंध उपयोग और गेहूं और धान की खेती पर अत्यधिक निर्भरता के कारण पंजाब में भूजल स्तर बहुत नीचे चला गया है और यदि यह सिलसिला जारी रहा तो निकट भविष्य में पंजाब रेगिस्तान बन सकता है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने सिंचाई के लिए नहर के पानी को प्राथमिकता दी और नहरों की मरम्मत करवाई , जिसके परिणामस्वरूप सिंचाई के लिए नहर के पानी का उपयोग बढ़ गया और कई वर्षों में पहली बार पंजाब में भूजल स्तर में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने शहरवासियों से पानी का संयम से उपयोग करने और उसे बर्बाद न करने की अपील की।

पंजाब नगर सेवा सुधार परियोजना के परियोजना प्रबंधक कुलदीप सिंह सैनी ने बताया कि पंजाब जल संसाधन 2024 रिपोर्ट के अनुसार, अमृतसर जिले के सभी दस ब्लॉकों को अंधकार क्षेत्र घोषित किया गया है। अमृतसर शहरी ब्लॉक में ही भूजल दोहन तीन सौ प्रतिशत से अधिक हो गया है। इसका मतलब है कि भूजल पुनर्भरण की वार्षिक दर से तीन गुना अधिक पानी निकाला जा रहा है। इसलिए, शहर लंबे समय तक जल आपूर्ति के लिए भूजल पर निर्भर नहीं रह सकता। इन बातों को ध्यान में रखते हुए, शहर में स्थायी और शुद्ध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा अमृतसर थोक जल आपूर्ति परियोजना शुरू की गई है। इसके तहत, आने वाले समय में दोआब नहर के जल को शुद्ध करके अतिरिक्त जल प्राप्त किया जाएगा। इसके अंतर्गत वल्ला में 44 करोड़ लीटर क्षमता का जल शोधन संयंत्र बनाया जा रहा है , 112 लंबी पाइपलाइनें बिछाई जा रही हैं, साथ ही 39 नए टैंकों का निर्माण और 24 पुराने टैंकों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है और इस परियोजना के तहत जल्द ही जल आपूर्ति भी शुरू हो जाएगी।

इस अवसर पर निगम के सहायक आयुक्त राजिंदर शर्मा ने कहा कि यदि हम अपने दैनिक जीवन में कुछ बदलाव करें, तो हम आसानी से पानी बचा सकते हैं , जैसे कि वाशिंग मशीन का पूरा उपयोग करना , नहाने के लिए शॉवर के बजाय बाल्टी का उपयोग करना , टंकियों में ओवरफ्लो अलार्म लगाना , घरों में लीक हो रहे नलों को समय पर ठीक करवाना , कार को सीधे पानी के पाइप के बजाय गीले कपड़े से धोना आदि। इस अवसर पर इंदु वर्मा, अश्वनी कुमार आदि भी उपस्थित थे।

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