spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

वेयरहाउस टेंडर विवाद बना राजनीतिक तूफान, अफसर की मौत से पंजाब की सियासत में भूचाल

गुरजीत सिंह औजला का तीखा हमला – “यह आत्महत्या नहीं, साजिशन हत्या है… मंत्री पर 302 का केस दर्ज हो”

अमृतसर/तरनतारन 21 मार्च (गगनदीप ): अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने वेयरहाउस जिला मैनेजर की मौत के मामले में बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए राज्य सरकार के मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर पर सीधा और गंभीर आरोप लगाया है। औजला ने साफ शब्दों में कहा कि “यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सत्ता के दबाव में की गई साजिशन हत्या है” और मांग की कि मंत्री के खिलाफ तुरंत धारा 302 के तहत केस दर्ज किया जाए।सासंद औजला पहले अस्पताल पहुंचने जहां गगनदीप सिंह मौत से पहले एडमिट थे उसके बढ़ परिवार को ढांढस बंधवाने उनके घर गए ओर बच्चों ओर परिवार को हौसला दिया।

सांसद औजला ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर इस मामले में किसी भी अधिकारी ने लीपापोती करने की कोशिश की या पीड़ित परिवार पर समझौते का दबाव बनाया गया, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी और जिम्मेदार अधिकारियों का घेराव किया जाएगा।

“सत्ता के दुरुपयोग ने ली एक ईमानदार अफसर की जान”

औजला ने आरोप लगाया कि वेयरहाउस टेंडर विवाद अब एक बड़े राजनीतिक घोटाले का रूप ले चुका है, जिसमें सत्ता का खुला दुरुपयोग हुआ है। उन्होंने कहा कि एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे वह टूट गया।

टेंडर में धांधली के आरोप

औजला के मुताबिक यह पूरा मामला फूड कॉर्पोरेशन से जुड़े वेयरहाउस टेंडरों का है, जो अमृतसर और तरनतारन में जारी किए गए थे। नियमों के तहत कोई भी व्यक्ति आवेदन कर सकता था, लेकिन आरोप है कि मंत्री भुल्लर ने अपने पिता के नाम पर टेंडर दाखिल कर अपनी जमीन को फायदा पहुंचाने की कोशिश की।

जब टेंडर किसी अन्य व्यक्ति को मिल गया, तो जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा को कथित तौर पर बुलाकर अपमानित किया गया, उनके साथ मारपीट की गई और इस पूरी घटना की वीडियो भी बनाई गई। औजला ने दावा किया कि इसके बाद अधिकारी को लगातार धमकियां दी गईं कि उसे गैंगस्टरों के जरिए खत्म कर दिया जाएगा।

“धमकियों और दबाव ने किया मजबूर”

औजला ने कहा कि इस लगातार मानसिक उत्पीड़न के कारण अधिकारी गहरे अवसाद में चला गया था। उसने अपने परिवार को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया था और लंबे समय से डर और तनाव में जी रहा था। अंततः उसने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान दे दी।

उच्च अधिकारियों पर भी गंभीर सवाल

सांसद औजला ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले की जानकारी उच्च स्तर तक थी, यहां तक कि शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों को भी सब कुछ पता था, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई और मामले को दबाने की कोशिश की गई।

उन्होंने कहा कि अब पीड़ित परिवार पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है, जो न्याय के साथ सीधा खिलवाड़ है।

“इस्तीफा नहीं, जेल ही एकमात्र रास्ता”

औजला ने दो टूक कहा कि इस मामले में केवल इस्तीफा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मंत्री के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस इस मुद्दे को पूरे पंजाब में बड़ा जनांदोलन बनाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles