नई दिल्ली, 22 मार्च:
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया के 22 देशों ने ईरान के खिलाफ एकजुट होकर कड़ा संदेश दिया है। इन देशों ने संयुक्त बयान जारी कर ईरान से तुरंत हमले रोकने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
सूत्रों के अनुसार, यह कदम उस समय उठाया गया जब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं और कई देशों ने समुद्री व्यापार पर खतरे को लेकर चिंता जताई है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई होता है।
समुद्री व्यापार पर मंडराया खतरा
22 देशों के समूह ने कहा कि यदि स्थिति पर जल्द नियंत्रण नहीं पाया गया, तो वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है। कई देशों ने आरोप लगाया है कि ईरान क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही को प्रभावित कर रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ रही है।
इन देशों ने दिखाई एकजुटता
संयुक्त बयान में अमेरिका के सहयोगी देशों के साथ-साथ यूरोप और एशिया के कई देश शामिल हैं। सभी ने मिलकर क्षेत्र में शांति बनाए रखने और तनाव कम करने की अपील की है।
बढ़ सकता है टकराव
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे, तो यह संकट बड़े सैन्य टकराव में बदल सकता है। इजराइल और अमेरिका पहले ही सख्त रुख अपना चुके हैं, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर होती जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय अपील
दुनिया के इन देशों ने साफ कहा है कि किसी भी प्रकार की आक्रामक कार्रवाई से न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक शांति भी खतरे में पड़ सकती है।
बॉक्स न्यूज़ (Highlight)
👉 होर्मुज जलडमरूमध्य बना तनाव का केंद्र
👉 तेल सप्लाई और वैश्विक बाजार पर असर की आशंका
👉 22 देशों की संयुक्त अपील: “हमले तुरंत रोको”
👉 मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात



