spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

डिप्टी कमिश्नर ने किसानों से गेहूं के नरमे/पराली को आग न लगाने की अपील की

फसली अवशेषों के प्रबंधन संबंधी किसी भी सलाह के लिए किसान कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं — डिप्टी कमिश्नर

अमृतसर, 06 मई ( गगनदीप) — डिप्टी कमिश्नर अमृतसर श्री दलविंदरजीत सिंह ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे गांवों में जाकर किसानों को खेतों में फसली अवशेषों को आग लगाने से रोकने के लिए जागरूक करें।

आज विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि जिले में फसली अवशेषों को आग लगाने की घटनाओं को रोकने के लिए सभी संबंधित विभाग पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं, क्योंकि यह मुद्दा हमारे पर्यावरण तथा मनुष्य सहित सभी जीव-जंतुओं के जीवन से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग गांव-गांव जाकर किसानों से सीधा संपर्क स्थापित करे और उन्हें खेतों में आग लगाने से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दे। साथ ही किसानों को यह भी बताया जाए कि वे बिना आग लगाए फसली अवशेषों का प्रबंधन किस प्रकार कर सकते हैं।

डिप्टी कमिश्नर श्री दलविंदरजीत सिंह ने कहा कि जागरूकता अभियान के अलावा जिले के सभी गांवों के नंबरदारों, पंचायतों और सामाजिक संस्थाओं का भी गेहूं की पराली को आग लगाने की घटनाओं को रोकने में सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में किसानों, सहकारी सभाओं, किसान समूहों और पंचायतों के पास कृषि उपकरण उपलब्ध हैं, जिनकी सहायता से फसली अवशेषों का उचित प्रबंधन किया जा सकता है।

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा चीनी मिलों, भट्टों आदि में फसली अवशेषों को ईंधन के रूप में उपयोग करने संबंधी निर्देश भी जारी किए गए हैं और अधिकारियों को इन आदेशों के पालन को सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन किसानों को जागरूक करके और उनका सहयोग लेकर फसली अवशेषों को आग लगाने की प्रथा को पूरी तरह समाप्त करेगा।

उन्होंने मीडिया के माध्यम से किसानों से अपील की कि वे गेहूं की पराली को बिल्कुल आग न लगाएं, क्योंकि इससे जहां पर्यावरण प्रदूषित होता है, वहीं भूमि की उर्वरक क्षमता को भी भारी नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि फसली अवशेषों के प्रबंधन संबंधी किसी भी सलाह के लिए किसान कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

==-

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles