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पंजाब में धमाका घटनाओं पर सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कानून-व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल, दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग

अमृतसर। जालंधर में हुए धमाके के कुछ ही घंटों बाद श्री अमृतसर साहिब में, आर्मी कैंट  के नज़दीक धमाके जैसी घटना की खबर ने पूरे पंजाब में एक बार फिर भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। इन घटनाओं को बेहद गंभीर बताते हुए अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बताया है।सांसद औजला ने कहा कि लगातार सामने आ रही इस तरह की घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि कुछ असामाजिक और देश-विरोधी तत्व पंजाब में अशांति फैलाने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब की सुरक्षा का मुद्दा और भी अधिक संवेदनशील हो जाता है, ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बेहद घातक साबित हो सकती है। उन्होंने केंद्र सरकार और पंजाब सरकार दोनों को अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना दोनों सरकारों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अफसोस जताया कि वर्तमान समय में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच राजनीतिक खींचतान और आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बना हुआ है, जिसका सीधा असर जमीनी स्तर पर कानून-व्यवस्था पर पड़ रहा है।
सांसद औजला ने कहा कि पंजाब में पहले ही कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। आए दिन ग्रेनेड हमले, गोलियां चलने की घटनाएं और व्यापारियों से फिरौती मांगने के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे आम जनता के मन में डर और असुरक्षा की भावना लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि खासकर सीमावर्ती इलाकों में हालात और भी ज्यादा संवेदनशील हैं, जहां लोगों को लगातार धमकी भरी कॉल्स मिल रही हैं और प्रशासन अब तक इन मामलों में ठोस कार्रवाई करने में असफल दिखाई दे रहा है।उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले भी कई बार धार्मिक स्थलों, सरकारी दफ्तरों और प्रशासनिक संस्थानों को लेकर धमकियां दी गई हैं, लेकिन इन मामलों में अभी तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। इससे आम जनता का विश्वास कानून-व्यवस्था पर कमजोर हो रहा है, जो किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अच्छा संकेत नहीं है। सांसद औजला ने केंद्र सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से गहराई और पारदर्शिता के साथ करवाई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और इसके पीछे शामिल नेटवर्क का पूरी तरह खुलासा हो सके। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे। अंत में उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं, बल्कि मिलकर काम करने का है। केंद्र और पंजाब सरकार को अपने मतभेद भुलाकर एकजुट होकर काम करना चाहिए, ताकि पंजाब में शांति, सुरक्षा और विश्वास का माहौल दोबारा स्थापित किया जा सके और लोगों को भयमुक्त जीवन मिल सके।

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