मजीठा थाना मामले में जांच तेज, अकाली दल ने बताया राजनीतिक प्रतिशोध
चंडीगढ़/अमृतसर, 1 जून।
पंजाब की राजनीति में सोमवार को उस समय बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता Bikram Singh Majithia के खिलाफ दर्ज मजीठा थाना मामले में पंजाब पुलिस ने उनके आवास पर तलाशी अभियान चलाया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की सियासत में जबरदस्त हलचल मच गई और सत्तापक्ष तथा विपक्ष आमने-सामने आ गए।
जानकारी के अनुसार पुलिस टीम सुबह भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मजीठिया के निवास पर पहुंची और मामले से जुड़े दस्तावेजों व अन्य साक्ष्यों की जांच की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई चल रही जांच का हिस्सा है और कानून के अनुसार की गई है। हालांकि पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर तलाशी अभियान के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई।
वहीं, शिरोमणि अकाली दल ने पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार विपक्षी नेताओं को दबाने और उनकी छवि खराब करने के लिए सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। अकाली नेताओं का कहना है कि मजीठिया को लगातार निशाना बनाया जा रहा है ताकि विपक्ष की आवाज को कमजोर किया जा सके।
दूसरी ओर राज्य सरकार और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता। सरकार का दावा है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
मजीठिया के घर हुई इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक गरमा सकता है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर पंजाब की जनता और राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं तथा सभी को जांच के अगले कदम का इंतजार है।


